आयुर्प्रयोगम् मानव दर्शन आयुर्प्रयोगम् सेवा संस्थान की एक सामाजिक इकाई है जिसकी स्थापना विलुप्त हो रहे मानवीय रिश्तों और जिम्मेदारियों को पुनर्जीवित कर भारत में रामराज्य लाने के लिए और भारत के कोने-कोने में हर दिन होली और दिवाली जैसा माहौल बनाने के लिए की गई है।

Ayurprayogam Human Vision is a social unit of Ayurprayogam Sewa Sansthan Which has been established to bring Ramrajya in India by reviving the extinct human relationships and responsibilities and to create an atmosphere like Holi and Diwali every day in every corner of India.

 

आदर्श वाक्य: मानव दर्शन !! सम्पूर्ण प्रेम !! (मानव जाति और अन्य प्राणियों के प्रति सम्मान, पारिवारिक संबंधों की आजीवन निर्वहन, अमीर और गरीब के बीच संतुलन, अपने और दूसरों के बीच अपनेपन की भावना ही सच्चा प्रेम है।)

Motto: Human philosophy !! Complete Affection !! (Respect for the human race and other cretures, lifelong continuity of family relations, balance between rich and poor, feeling of belongingness between one’s own and others is true love.)

 

उद्देश्य:

  • नारी जागरूकता/सशक्तीकरण कार्यक्रम:

        देवी दुर्गा कार्यक्रम- मानवीय अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई के लिए

        देवी लक्ष्मी कार्यक्रम- आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के लिए

        देवी विद्या कार्यक्रम- आत्म-ज्ञान, आत्म-सम्मान, आत्म-अधिकार आदि हासिल करने के लिए।

अर्थात भारतीय महिलाओं को शारीरिक, बौद्धिक और आर्थिक रूप से सशक्त करना ताकि समाज में महिलाओं के प्रति कोई भेदभाव न हो।

  • बच्चों के लिए चरित्र निर्माण शिक्षा प्रदान करना जो किसी भी राष्ट्र के विकास का मूल आधार है।
  • ग्राम विकास केंद्र की स्थापना करना जहां शहरी आधुनिक व्यवस्था जैसे शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, खेल के मैदान, परिवहन के साधन आदि हों ताकि ग्रामीण लोग शहरों की ओर पलायन न करें।
  • बुजुर्ग सम्मान कार्यक्रम: आधुनिकता में लुप्त हो चुके हमारे पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को पुनर्जीवित और पुनर्स्थापित करना। युवा अपने माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन के बीच के सामान्य रिश्ते को भूल गए हैं जिसके परिणामस्वरूप आज वे अपना शेष जीवन अनाथालय और वृद्धाश्रम में बिताने को मजबूर हैं।
  • दिव्यांगों को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने, उन्हें सामान्य लोगों की तरह आधुनिक समाज में रहने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के लिए दिव्यांग आरोहण कार्यक्रम चलाना।

Objectives:

  • Women Awareness/ Empowerment Program:

         Devi Durga Karyakram- To fight against  human tyranny and oppression

         Devi Laxmi Karyakram- To become economically self-reliant

         Devi Vidya Karyakram- To achieve self–respect, self-knowledge, self-right etc.

That is, to empower Indian women physically, intellectually and economically so that there is no discrimination against women in the society.

  • To provide Charitra Nirman Shiksha for children which is the basic pillar of development of any nation.
  • To establish Gram Vikas Kendra where there is urban modern arrangement like education, medicine, employment, sports ground, means of transport etc. So, that the rural people do not migrate to the cities.
  • Bujurg Samman Karykram: To revive and restore our Family and Social relationship that has been disappeared in the modernity. Youths have forgotten the generic relationship between their parents, grandparents, siblings as result today they are forced to spend the rest of their lives in the orphanage and the old age home.
  • To run Divyanga Aarohan Karyakram to connect Divyanga with main stream of the nation, to make them live in modern society like normal people and to enhance their potential.