आयुर्प्रयोगम् भारतीय प्रतीक आयुर्प्रयोगम् सेवा संस्थान की एक परिचयात्मक इकाई है जो भारतीय पहचान जैसे हिमालय पर्वत, पवित्र गंगा नदी, श्री मद्भागवत गीता, गौ माता और साधु–संतों के अस्तित्व संरक्षण के क्षेत्र में काम करती है।
Ayurprayogam Indian Identification is an introductory unit of Ayurprayogam Sewa Sansthan which works in the field of survival protection of Indian identities like Himalayan Mountains, Holy river Ganga, Shree Madbhagwat Geeta, Mother Cow and Sadhu-Saints.
भारत एक अद्वितीय देश है जहां दैवीय शक्तियां अवतरित हुई हैं और कण–कण में राम नाम और वायुमंडल में मंत्रोच्चार की गूंज है, जिसे वसुधैव कुटुंबकम, सोने की चिड़िया, विश्व गुरु आदि के नाम से जाना जाता है, जिसने आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और प्राणायाम जैसी चिकित्सा प्रणालियों का जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत सदियों से विश्व जगत को “सत्यमेव जयते” और “अहिंसा परमो धर्म:” की शिक्षा देता रहा है। लेकिन आज भारत स्वयं अपनी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और विशेष पहचान खोता जा रहा है। यहाँ विशेषकर गौ माता अपनी जीवन रक्षा के लिए, माँ गंगा अपनी पवित्रता के लिए, राष्ट्र प्रहरी हिमालय अपने अस्तित्व के लिए, श्री मद्भागवत गीता और भारतीय संत अपनी उपयोगिता के लिए किसी ऐसे महापुरुष की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो इन्हें पुनः स्थापित, पुनर्जीवित और संरक्षित कर सके।
India is a unique nation where divine powers have been incarnated and there is an echo of Ram’s name in every particle and chanting of mantras in the atmosphere, which is known in the name of Vasudhaiva Kutumbkam, Golden Bird or Vishwa Guru etc., which has given rise to medical systems like Ayurveda, Naturopathy, Yoga and Pranayama. Along with this, India has been teaching the lesson of “Truth Prevails” and “Non-violence is the best Religion” to the world for centuries. But today India itself is losing its ancient civilization, culture and special identity. Here especially, Mother Cow for her survival, Mother Ganga for her purity, National Guard Himalayas for their existence, Shree Madbhagwat Geeta and Indian saints for their usefulness are waiting for some great man who can restore, revive and preserve them.
आदर्श वाक्य: भारत का प्रतीक !! सम्पूर्ण ज्ञान !! (भारत का कण–कण सम्पूर्ण ज्ञान का भण्डार है। उस ज्ञान के प्रतीक विशेष कर हिमालय पर्वत, गंगा नदी, श्री मद्भागवत गीता आदि को विश्व पटल पर प्रचारित करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार होना चाहिए।)
Motto: Symbol of India !! Complete Knowledge !! (Every particle of India is a storehouse of complete knowledge. Our birth right should be to propagate the symbol specially The Himalayan Mountains, The Ganga River, The Shri Madbhagwat Geeta etc. of that knowledge on the world stage.)
उद्देश्य:
Objectives: