प्रकृति ने मानव जाति को बुद्धि के साथ-साथ स्वस्थ शरीर, सुगंधित वातावरण और सर्वत्र हरियाली दी है। लेकिन मानव के स्वार्थी स्वभाव ने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की और उसे अव्यवस्थित बना दिया है। परिमाण हमारे सामने है.. प्रदूषित वायु और जल, बंजर भूमि, प्रचंड अग्नि और गंदीला आकाश अर्थात पंचतत्व का असंतुलन जिससे जीव शरीर निर्मित है। इसलिए, आयुर्प्रयोगम् प्रकृति पथ, जो आयुर्प्रयोगम् सेवा संस्थान की पर्यावरण इकाई है, पांच तत्वों (आकाश, वायु, अग्नि, भूमि और जल) को संतुलित करने का काम करती है।
Nature provided to human race a healthy body along with intelligence, fragrant environment and greenery everywhere. But our selfish nature tampered with nature and made it disorganized. The magnitude is before us… polluted air and water, barren land, raging fire and cloudy sky that is, imbalance of the five elements of which the living body is made up. Therefore, Ayurprayogam Prakriti Path, which is the environmental unit of Ayurprayogam Sewa Sansthan, works to balance the five elements (Sky, Air, Fire, Land and water)
आदर्श वाक्य: प्रकृति पथ !! संपूर्ण संतुलन !!
Motto: Nature’s Path !! Complete Balance !!
उद्देश्य:
OBJECTIVES: